बंजर भूमि में अच्छा बीज भी नहीं उपजता वैसे ही भाव के बिना भगवान नहीं मिलते हैं - आचार्य प. अनिल शर्मा
- भूमि बंजर हो तो अच्छा बीज भी नहीं उपजत है- पंडित आचार्य पंडित अनिल शर्मा
- मेरो खो गयो बाजूबंद रसिया होली में की संगीत में प्रस्तुति पर पर श्रद्धालु झूम उठे.
देवास। भगवान को अगर सच्चे भाव से याद करोगे तो जरूर आपकी सहायता करेंगे। भगवान के दरबार मे आये हो तो कथा सच्चे भाव से सुने। भगवान जब भक्त मीराबाई के वास्ते भक्त नरसिंह के वास्ते आ सकते है। तो भगवान हमारे लिए भी आ सकते हैं। लेकिन भगवान के प्रति हमारा भाव सच्चा होना चाहिए और यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। जैसा नरसिंह और मीराबाई का था। यह विचार मोती बंगला स्थित प्रताप गार्डन में 24 से 26 दिसंबर तक आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई मायरे के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के शिष्य आचार्य पं. अनिल शर्मा आसेर वाले ने व्यक्त किए। नानी बाई मायरे के शुभारंभ पूर्व दर्जी धर्मशाला से बेंड, बाजे बघ्घी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। प्रमुख मार्गो से होती हुई शोभायात्रा कथा स्थल पर पहुंची। उन्होंने आगे कहा कि बीज कितना भी अच्छा हो लेकिन भूमि बंजर हो तो उपजता नहीं है। उसी प्रकार भगवान का भजन, कथा जब तक आपके हृदय मे नहीं उतरेगी तब तक आपका उद्धार नही होगा। जब तक आपका हृदय निर्मल और निष्कामभाव नहीं होगा तब तक परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती। आपने अगर भगवान की कथा को हृदय में उतार लिया तो आपका जीवन धन्य हो जाता है।
जैसे बीज भूमि से अंकुरित होकर लहरा जाता है। वैसे ही आपकी आत्मा कथा रूपी ज्ञान गंगा में डुबकी लगाकर आनंदित हो जाएगी। इस दौरान आचार्य पंडित अनिल शर्मा ने मेरो खो गयो बाजूबंद रसिया होली में जैसे एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे। आयोजक मंडल अतिथियों द्वारा व्यासपीठ की पूजा अर्चना कर महाआरती की गई। सैकड़ो श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ लिया।