मेट्रोपॉलिटन एरिया से देवास को अलग करना सोतेले व्यवहार की तरह
देवास। नवगठित मेट्रोपॉलिटन एरिया से देवास को अलग करने के शासन के आदेश को कांग्रेस ने तुगलकी एवं देवास के साथ सोतेला व्यवहार करार देते हुए धोखा देने जैसा बताया है। कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनोज राजानी ने राजानी ने बताया कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने निर्णय लिया था कि इन्दौर, महु, पीथमपुर, उज्जैन, देवास को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन एरिया बनाया जाए जिससे समुचित एवं सुनियोजित विकास हो सके, इस एरिया के गठन से रोजगार एवं विकास के नये रास्ते खुलना थे। कमलनाथ सरकार मे केबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के प्रयासो से मालवा के मेट्रोपॉलिटन एरिया को डेवलेप कर नई उचाईयॉ देने का प्रस्ताव किया था परन्तु दुर्भाग्य का विषय है कि वर्तमान शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार ने देवास को अलग कर विकास अवरूध करने का षणयंत्र रचा है। राजानी ने सरकार के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि स्थानीय सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी एवं विधायक गायत्री राजे पवार का दायित्व है कि शासन के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करे एवं नवगठित मेट्रोपॉलिटन एरिया मे देवास को पुन: सम्मिलित करने की पहल करे जिससे देवास का विकास सम्भव हो सके...