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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

देश भले रुक गया है, सरदार पटेल सार्थक समूह का रक्तदान कभी नही रुकेगा

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कोरोना महायुद्ध विशेष   एक ओर जहाँ 2 माह से पूरा देश थमा हुआ है। लोग संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अपनो से भी दूरी बनाए हुए है। देश के कई हिस्सों में देखने को मिला कि रिश्तेदारों ने अर्थी को कांधा तक देने से परहेज किया। इस भयावह और हृदय विदारक महामारी के दौरान भी देश मे कुछ युवा ऐसे है जो अपने कर्तव्य से पीछे नही हटे। अभी के दौर में अपनी नोकरी करने वाले व्यक्ति को कोरोना योद्धा कहा गया। लेकिन सरदार पटेल सार्थक समूह के युवा साथी निःस्वार्थ भाव से इस महामारी के समय मे भी संक्रमण के खतरे के बीच जरूरतमंद को रक्तदान कर रहे है। ये युवा साथी भी एक कोरोना योद्धा है, रक्तदान के पीछे इनका मानवसेवा के अतिरिक्त अन्य कोई निजी स्वार्थ नही है। ऐसे मानवसेवी युवा साथियों को मैं सलाम करता हूँ। 🇮🇳 सह संपादक की कलम से....

हाटपिपल्या विधानसभा उपचुनाव

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हाटपिपल्या का मतदान पूर्व एग्जिट पोल हाटपिपल्या की जनता वोट देने से पूर्व ध्यान रखें कि वर्षो से राज कर रहे नेताओ को आपने देखा, हाटपिपल्या की स्थिति आपके सामने है। एक सच्चा जनसेवक ही इस बदहाल हाटपिपल्या को सँवार सकता है। https://strawpoll.com/fa898ksh 👆 लिंक पर क्लिक करिए और अपना मत दीजिये 

शिवाजी महाराज के पुत्र शम्भू राजा, जिनके नाम से मुगल काँपते थे। आपको किसी कक्षा में नही पढ़ाया होगा।

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गौरव हिंदुस्तान का : छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज जिसके नाम से थर्राते थे मुग़ल। हिन्दुस्थान में हिंदवी स्वराज एवं हिन्दू पातशाही की गौरवपूर्ण स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन को यदि चार पंक्तियों में संजोया जाए तो यही कहा जाएगा कि :- 🚩'देश धरम पर मिटने वाला, शेर शिवा का छावा था। 🚩महा पराक्रमी परम प्रतापी, एक ही शंभू राजा था।।         संभाजी महाराज का जीवन एवं उनकी वीरता ऐसी थी कि उनका नाम लेते ही औरंगजेब के साथ तमाम मुगल सेना थर्राने लगती थी। संभाजी के घोड़े की टाप सुनते ही मुगल सैनिकों के हाथों से अस्त्र-शस्त्र छूटकर गिरने लगते थे। यही कारण था कि छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद भी संभाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज को अक्षुण्ण रखा था। वैसे शूरता-वीरता के साथ निडरता का वरदान भी संभाजी को अपने पिता शिवाजी महाराज से मानों विरासत में प्राप्त हुआ था। राजपूत वीर राजा जयसिंह के कहने पर, उन पर भरोसा रखते हुए जब छत्रपति शिवाजी औरंगजेब से मिलने आगरा पहुंचे थे तो दूरदृष्टि रखते हुए वे अपने पुत्र संभाजी ...

अबकी बार कोई नेता नही बल्कि महेश पाटीदार जैसा एक सेवक चाहती है हाटपिपल्या विधानसभा

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ऐसा ऐतिहासिक समय जब जनता अपना प्रतिनिधि स्वयं चुन रही है। केवल फिल्मों या फिर कहानियों में ही सुना है कि एक जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता का प्रतिनिधि एवं चहेता होता है। हिंदुस्तान की राजनीति में ऐसा संभव हो यह कभी देखने को नहीं मिला। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी में इस प्रकार के गुण देखने को अवश्य मिले। अब इस प्रकार के कुछ परिवर्तन हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 172 में देखने को मिल रहे हैं, जहां राजनेता जनता से समर्थन की अपील करने के बजाए जनता ही एक समाज सेवक से उनका प्रतिनिधि बनने की अपील कर रही है और वह समाज सेवक कोई और बाहरी व्यक्ति नहीं है बल्कि उसी जनता के बीच का एक धार्मिक एवं सामाजिक छवि वाला शख्स है जो निरंतर अपने राष्ट्र एवं सामाजिक कार्यों में निःस्वार्थ भाव एवं गंभीरता से कार्यरत है। आपको ज्ञात ही होगा कि अभी तक हाटपिपल्या विधानसभा से कोई भी समाजसेवी अथवा आम व्यक्ति जनप्रतिनिधि नहीं बना है। आज पहली बार विधानसभा क्षेत्र की आम जनता के हृदय से एक आवाज निकली है कि अब हमें एक नेता नहीं चाहिए हमें केवल एक ऐसा समाजसेवी व्यक्तित्व एवं कुशल जनसेवक जनप्रतिनिधि के रूप में...

रतलाम के कोरोना योद्धा पति को उनकी पत्नी ज्योति पाटीदार ने किया सलाम

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कोरोना महायुद्ध विशेष : रतलाम : अक्सर जैसे ही शाम ढलती है और रात का अंधेरा हावी होने लगता है देश के अधिकांश घरों में रात का भोजन खत्म कर कोई सोने की तैयारी करता है या कोई मनोरंजन के लिए टी.वी. देखते है तभी देश के एक कोने में एक कर्मवीर का सवेरा होता है वो रात ढलते ही अपनी ड्यूटी पर जाने की तैयारी करता है की ताकि उसका देश सुरक्षित रहे ताकि उसके देश के लोग सुरक्षित रहे!!  रात होते ही वह स्नान करता है फिर खाना खत्म कर अपनी ड्यूटी के लिए ड्रेस पहनता है और अलविदा लेता है एक माँ से , एक पत्नी से, एक बहन से ,और 8 दिन के उसके पहले बेटे से जिससे वो अभी ठीक से मिल भी नहीं पाया ,जो अभी यह भी नहीं जानता कि पिता क्या चीज़ होती है   !              सभी लोग टकटकी लगये हुए निहारते रहते है और मन में एक ही भाव की किसी तरह हम रोक ले! परन्तु देश के फ़र्ज के आगे कोई कुछ कह नही पाता!!  जहां लोग इस बीमारी से डर के घर में बैठे हुए है ,वहीं यह बेटा बीमारी के बीच चल देता है! माँ को एक ही चिंता सताती है कही मेरा एकलौता बेटा किसी का इलाज करते  हुए खुद बीमार ना हो...

पाटीदार समाज ने भेंट किये N95 मॉस्क

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महानगर इंदौर : इंदौर मन्दसौर नीमच रतलाम के पाटीदार समाज के समाजजन जो इंदौर में निवास करते है, उन्होंने कोरोना पीड़ित की सेवा में लगे चिकित्सक व स्टाफ के लिए रुपए 65000 के मास्क ( N 95 masks+ Bipap masks) एम वाय अस्पताल के अधीक्षक को सोपे।