भामाशाह बने व भामाशाह बनाया
*हम सबकी है जिम्मेदारी, बेहतर हो शिक्षा सरकारी**
जहाँ चाह- वहाँ रहा
हाटपिपल्या :- समीपस्थ ग्राम लसूड़िया हातु संकुल देवगढ़ के माध्यमिक विद्यालय से सभी शिक्षकों का अगस्त में स्थानांतरण होने से विद्यालय शिक्षक विहीन हो गया था ऐसे में देवगढ़ संकुल के प्राचार्य महोदय रविंद्र मालवीय ने हरिशंकर पाटीदार को लसूड़िया हातु मिडिल स्कूल का प्रभार 24 अगस्त 2019 को सौंपा तब श्री पाटीदार ने देखा कि स्कूल भवन व परिसर की हालत बहुत ही खराब है । यहां तक कि असामाजिक तत्वों द्वारा स्कूल भवन के खिड़की दरवाजे भी तोड़ दिए गए थे और तो और एक अतिरिक्त कक्ष में तो पशु बांधने लग गए थे । *बच्चों की उपस्थिति 50 % से भी कम रहती हैं , अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था हो नहीं रही थी लेकिन पाटीदार सर ने इसे चेलेंज के रूप में लेते हुए सारी व्यवस्था सुधारने का बीड़ा उठाया । सबसे पहले पालकों व जनप्रतिनिधियों की एक बैठक 28 सितम्बर को ही बुलाई और स्कूल भवन व बच्चों के शैक्षणिक स्तर से अवलोकन करवाया । सरकारी स्कूलों में शासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की , और जनसहयोग से शिक्षकों की व्यवस्था कर , पाटीदार सर *पिछले 6 महीने से बिना कोई छुट्टी लिए (सुबह 9 से शाम 6 तक रविवार को भी ) लगे रहे ।*
जिसके परिणाम स्वरूप आज 90 से 95 % बच्चे रोज स्कूल आते हैं और पछली त्रैमासिक परीक्षा में कोई भी बच्चा डी ग्रेड में नहीं रहा है और *स्मार्ट टीवी* शैक्षणिक चार्टों व *फ्लैक्स से सुसज्जित क्लॉस रूम में बैठकर अनुशासित रूप से अन्य गतिविधियों में भाग लेते हुए पढ़ाई करते है ।अब अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था भी हो गई हैं । आज स्कूल के चारों ओर *800 फिट एंगल व तार जाली तथा *हैवी मेन गेट* के द्वारा पूरा स्कूल परिसर सुरक्षित है जिसमें *पाटीदार जी द्वारा* लगभग 450पौधे लगाये गए हैं ।
*इन 6 महीनों में लोगों के मन में सरकारी स्कूल की जगह हमारा स्कूल की भावना करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है*
इन सभी व्यवस्थाओं को सुधारने में श्री पाटीदार जी ने अपनी जेब से करीब 90 हज़ार रुपये खर्च किये ।
पाटीदार सर के *उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए ग्रामीण जनों ने उनका शॉल श्रीफल द्वारा भव्य स्वागत भी किया गया* ।
हमारे प्रतिनिधि से बात करते हुए पाटीदार सर ने बताया कि उनकी योजना इस स्कूल में प्रायवेट स्कूलों से भी बेहतर व्यवस्था , शिक्षा व संस्कार देने की है ताकि ग़रीब व ग्रामीण बच्चे भी आगे बढ़ सके , पढ़ सके ।
ग्रामीणों के समाज में सरकारी स्कूलों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने व जागरूकता पैदा करने के लिए कुछ नारे तैयार किये......
1. *हमारा स्कूल - शासकीय स्कूल*
2. *हम सबकी है जिम्मेदारी ,बेहतर हो शिक्षा सरकारी ।।*
3. *हर पालक की एक ही इक्छा*,
*सब पायें संस्कारी शिक्षा ।।*
उत्कृष्ट कार्य के लिए समस्त ग्राम वासियों ने मिलकर पाटीदार सर का स्वागत किया सर के आने से पूरे गांव में शिक्षा का स्तर बहुत बड़ा है सभी ने बहुत बहुत आभार व्यक्त किया