अगर आज हम हिंदुस्तान में नही होते तो किस हाल में होते। हमे अपने राष्ट्र की ताकत बनना है, कमजोरी नही।

सरकार ने निभाई अपनी जिम्मेदारी, अब अर्थव्यवस्था हर हिंदुस्तानी की जिम्मेदारी




  • यह राष्ट्र हमारा है, इसकी ताकत ही हमारी ताकत है।

  • यदि हमारा राष्ट्र ही सशक्त नही होगा, तो भविष्य में हमारे बच्चों को रोजगार के लिए विदेश जाना होगा।

  • हिंदुस्तान के अलावा अन्य सभी देशों में अपनी अर्थव्यवस्था को महत्व दिया जाता है, जनता को नही।

  • कल जब फिर कोई ऐसा संकट हमपर आएगा तो हमे हमारा राष्ट्र ही बचाएगा।

  • एक सामान्य परिवार का जीवन निर्वाह 15 - 20000 रु में आराम से हो जाता है।

  • 2 माह की इससे ऊपर की सारी आय हम राष्ट्र को देकर अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते है।

  • कुछ माह के लिए हम अपने शौक को पूरा करने की बजाय अपने राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ा सकते है।


ईमानदारी से भगवान को साक्षी मानकर हरसंभव दान राष्ट्र के कोष में करें।


विनित,


एक हिंदुस्तानी



इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्री मालवा कुल्मी पाटीदार श्रीराम मंदिर स्थापना का स्वर्ण जयती महोत्सव ! 2 किमी लंबी कलश यात्रा में हजारों समाजजनों की सहभागिता

शादियों में भी होती है उपहारों की सीमा, ध्यान न रखेंगे तो पड़ सकता है इनकम टैक्स का छापा ....! बचने के लिये सीए विपिन पाटीदार के टिप्स होंगे लाभदायक ....

शिवाजी महाराज के पुत्र शम्भू राजा, जिनके नाम से मुगल काँपते थे। आपको किसी कक्षा में नही पढ़ाया होगा।