युवा जोश ने खड़ा कर दिया विशाल रक्तदान समूह
प्रेरणादायक : सरदार पटेल सार्थक समूह किसी परिचय का मोहताज नहीं है वह विगत 18 वर्षों से लगातार रक्तदान कर रहा लगभग 200 युवा सरदार पटेल सार्थक समूह के माध्यम से रक्तदान करके 950 लोगों को जीवनदान दे चुके हैं सरदार पटेल को अपना आदर्श मानने वाले यह युवा निस्वार्थ भाव से जनकल्याण के इस मिशन में अपना योगदान दे रहे हैं देवास मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर ग्राम छतरपुरा के एक युवा शिक्षक श्री जवाहर पाटीदार के द्वारा कुछ युवा साथियों को साथ में लेकर सन 1999 में शुरू की गई मानव कल्याण की एक सोच आज कल्प के वृक्ष के समान लोगों की सेवा कर रही आसपास के सभी ग्राम निवासी व किसान इस योगदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं ग्राम नयापुरा चोपड़ा गुराडिया कला भमोरी कर्णावत प्रिया साहू खजुरिया बीना देवगढ़ नानूखेड़ा बढ़िया मांडू हाटपिपलिया जिले के युवाओं और वरिष्ठ लोग का सहयोग मिल रहा है ।
लगाए जाते हैं निशुल्क कैंप
स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सकों के मार्गदर्शन में समय-समय पर निशुल्क शिविर का आयोजन किया जाता है जिससे जरूरतमंद लोगों को सदैव रक्त उपलब्ध करा सकें समूह के सदस्यों द्वारा समय-समय पर जरूरत पड़ने पर निर्धन परिवारों को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है।
ऐसे मिली प्रेरणा
जवाहर पाटीदार ने इंदौर में अध्ययन के दौरान सोनकच्छ विकासखंड के ग्राम ग्वाली निवासी श्री संतोष पाटीदार की बालिका रवीना पीलिया से पीड़ित थी पिता रक्त की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे उसी वक्त जवाहर पाटीदार से उनकी मुलाकात हुई पहली बार सर ने रक्तदान किया इसी घटना का असर सर पर गहरा हुआ और उन्होंने विचार किया यदि यह परिस्थिति मेरे किसी परिवार में या निजी ग्राम में कोई होती तो क्या होता क्योंकि जिले से दूर बागली में ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं है इसी घटना के बाद जवाहर पाटीदार ने रक्त दाताओं का एक समूह बनाने की ठानी।
एक युवा शिक्षक श्री जवाहर पाटीदार मानव कल्याण की परिभाषा बदल दी उनका मानना है रक्तदान से बढ़कर कोई मानव सेवा नहीं हो सकती साथ ही उन्होंने कहा 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक स्वस्थ व्यक्ति किसी को भी रक्तदान कर कर एक व्यक्ति का जीवन बता सकता है हम सब को हाथ से हाथ मिला कर इस मानव कल्याण की श्रृंखला बनना चाहिए